चालक

ओला और उबर की शोषणकारी तिकड़मों से निराश टैक्सी चालकों ने फरवरी 2017 में सेवा कैब की परिकल्पना की और इसे मई में शुरू किया. यह पूरी तरह से भारतीय है और चालकों द्वारा लगायी गयी पूँजी से चलती है. किसी venture funding या विदेशी कंपनी का इसमें कोई दखल नहीं है.

बड़ी बड़ी कंपनियों ने झूठे और भ्रामक वायदे किये और आमदनी लगातार गिरती जा रही है. इसके खिलाफ अक्तूबर 2016 में चालकों ने आन्दोलन किया पर कंपनियों के कानों पर जूं भी नहीं रेंगी. इसलिए कुछ चालकों ने मिलकर “चालक शक्ति यूनियन” का गठन कर डाला ताकि एक बड़ा मंच बनाकर चालक व सवारी हित में काम किया जा सके. 2017 में स्थिति और खराब होने पर 10 फरवरी को चालक 10-12 दिन की हड़ताल पर चले गए. पर नतीजा वही ढ़ाक के तीन पात.

नतीजतन यूनियन के प्रमुख नेताओं ने चालकों की अपनी “सेवा कैब” को शुरू करने का निर्णय लिया. जून 2016 में अपनी सेवा रोक चुकी मैजिक सेवा को टेक्नोलॉजी, मार्केटिंग और कस्टमर केयर काम सौंपा गया है. सेवा कैब में सभी मुख्य फैसले एक 9 सदस्यों की कार्यकारिणी और मैजिक सेवा के राकेश अग्रवाल मिलकर करते हैं. राकेश सन 2000 से सामाजिक कार्यकर्ता हैं और सन 2002 से न्यायभूमि नामक NGO में बतौर सचिव चालक वर्ग के साथ काम करते आ रहे हैं. उनके लिए चालक परिवार के समान है.

सेवा कैब क्यों

सेवा कैब को बनाया गया है आपको ओला-उबर के शोषण से बचाने के लिए. ओला-उबर ने आपको इंसेंटिव का लालच दे-देकर बंधुआ मज़दूर बनाकर रख दिया है. आने वाले दिनों में ये आपके खून की आखिरी बूँद भी निचोड़ लेंगे. इसलिए इन गैर-कानूनी कंपनियों को पूरे भारत से भगाना ज़रूरी है ताकि हर चालक 40,000 रुपए शुद्ध बचत हर महीने ईमानदारी से कर सके.

  • सेवा कैब आपसे महीने में एक निश्चित रकम शुल्क के रूप में लेती है चाहे आप जितना मर्ज़ी कमाओ. यह दिल्ली में 700 रुपए है. बाकी कंपनियों का कमीशन 27% के हिसाब से महीने में 15-20,000 रुपए हो जाता है. पीक टाइम जैसी कोई टेंशन नहीं है और ना ही कोई टारगेट.
  • किराये का पैसा सीधा आपकी जेब में आता है. वॉलेट का पैसा भी सीधा आपके बैंक खाते में पहुँचता है. आपके पैसे या आमदनी को सेवा कैब छूती तक नहीं है. इसलिए हिसाब किताब का कोई झंझट ही नहीं रहता.
  • इंसेंटिव नाम की बला ने पूरे भारत के चालकों को बर्बाद कर दिया है. इसलिए हम कहते है कि ध्यान इंसेंटिव पर नहीं, कमाई पर दो. सेवा कैब के पास इंसेंटिव जैसी कोई भ्रामक स्कीमें नहीं हैं.
  • “रोको और चलो” के तहत एप के अलावा सवारी हाथ देकर भी आपकी गाड़ी रुकवा सकती है. यदि सवारी के पास एप नहीं है या नेटवर्क नहीं आ रहा है या बैटरी कमज़ोर हो गयी है या वैसे ही राह चलते आपकी गाड़ी सवारी को दिख गयी तो वो आपको हाथ देकर रुकवा लेगी. सवारी का मोबाइल नंबर आप अपनी एप में डालो और मीटर चालू हो जायेगा. ख़ास तौर पर इससे एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर आपकी आमदनी बढ़ेगी
  • ईको सहित सभी हैचबैक और सेडान a/c गाड़ियों का स्वागत है. किसी भी राज्य की गाड़ी हो और कोई भी परमिट या ईंधन हो, सब सेवा कैब में आ सकती हैं.
  • सवारी से कोई सर्विस टैक्स या सर्ज प्राइस नहीं लिया जाता.
  • ओला-उबर ने अपनी लीजिंग की गाड़ियाँ निकाल दी हैं और सारी ड्यूटियां उनको दे रहे हैं जिस से आप जैसे गाड़ी मालिकों को काम कम मिलता है. सेवा कैब में ऐसा भेदभाव नहीं किया जाता.
  • दिल्ली में रोज़ 10 से 12 घंटे काम करके आपकी आमदनी 2,000 से 2,500 रुपए हो जायेगी जो पूरी तरह आपकी जेब में पहुंचेगी. कोई कटौती नहीं.
  • सेवा कैब में पहले छह महीने तक शेयरिंग का आप्शन बिलकुल नहीं होगा. उसके बाद खुद आप लोग चुनाव द्वारा तय करेंगे कि शेयरिंग किया जाए या नहीं. और करें तो किस रूप में.
  • सेवा कैब को नीचे करने के लिए ओला-उबर फिर से मुफ्त पैसा बांटना शुरू कर सकती हैं. यदि ऐसा होता है तो आप बिलकुल भी इन्कार मत करना. जब तक मुफ्त में बंट रहा हैं, आप बटोरते रहो. जब बांटना बंद कर दें तो वापस अपने घर यानी सेवा कैब में लौट आओ. पर पीछे से आपका घर सही सलामत चलता रहे उसके लिए महीने का शुल्क देते रहिये. क्योंकि एक दिन तो इन बड़ी बड़ी कंपनियों को बंद होना ही है. और आपको हमेशा रहने के लिए घर यानी सेवा कैब चाहिए ही चाहिए.
  • पुलिस का झमेला नहीं, फ्री माइंड से काम करो. चालक शक्ति यूनियन हर मुश्किल में आपका साथ देगी. समझ लो दिल्ली जैसे बड़े शहर में अब आप अकेले नहीं रहे.

अटैचमेंट ऑनलाइन

आप सेवा कैब में खुद अपनी गाड़ी अटैच कर सकते हैं. इसके लिए नीचे दिए निर्देशों का पालन करें.

  • सफ़ेद या हलके रंग की दीवार या चादर के सामने खड़े होकर अपनी फोटो खींचें. फोटो वाली जगह पर लाइट ना कम और ना ज्यादा होनी चाहिए.
  • इन तीन कागजों की साफ़-साफ़ फोटो खींचें:
    • गाड़ी की RC
    • अपना कमर्शियल लाइसेंस
    • एक एड्रेस प्रूफ जैसे आधार, वोटर कार्ड, बैंक पासबुक, पासपोर्ट, बिजली बिल आदि
  • अटैचमेंट की वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें. वहां दिये सभी निर्देश ध्यान से पढ़ें.
  • फॉर्म भरते ही आपके पास लॉग इन ID और पासवर्ड SMS से आएगा.
  • इसके बाद कुछ घंटे के अन्दर हम आपके डाटा को चैक करेंगे और आपकी लॉग इन ID को एक्टिवेट कर देंगे. आपके बॉस “Mapping” का एक मेसेज अंग्रेजी में आएगा.
  • अब आप सवारी लेने के लिए तैयार हैं.
खुद अटैचमेंट करें

मुख्य नियम और शर्तें

  • आप कभी भी एक भी ड्यूटी कैंसिल नहीं करेंगे चाहे इसके लिए आपको समय या पैसे का कोई भी त्याग क्यों ना करना पड़े. ये नियम सभी नियमों से ऊपर है और इसका उल्लंघन करना पाप है.
  • आप दिन भर लॉग इन रहेंगे परन्तु किसी और कंपनी की ड्यूटी आने पर सेवा कैब से ऑफलाइन हो जायेंगे ताकि गलती से डबल ड्यूटी ना मिले. सवारी को उतारने के बाद फिर से सेवा कैब में लॉग इन हो जायेंगे.
  • आपकी गाड़ी का a/c हमेशा काम करना चाहिए और गाड़ी सही हालत में होनी चाहिए.
  • आपका बर्ताव अच्छा होगा और आप गाड़ी व खुद को साफ़-सुथरा रखेंगे.
  • फ़ोन और डाटा कनेक्शन आपका होगा. यदि कोई कंपनी इन चीज़ों का लालच देती है तो समझ लो कि उसके मन में खोट है.
  • आप सेवा कैब के समय समय पर दिए गए सभी निर्देशों का पालन करेंगे.

चालक विकासं

निकट भविष्य में सेवा कैब अपनी यूनियन चालक शक्ति के माध्यम से शिक्षा, कौशल विकास, कैरियर सलाह, स्वास्थ्य, बाल विकास, आर्थिक सुरक्षा, आवास लोन, कानूनी मदद आदि अनेक सेवाएँ आप तक पहुंचाने की योजनाओं पर काम करेगी. आपके जीवन से जुड़े किसी भी मुद्दे पर आपको जो भी मदद चाहिए, वो आपको मिलेगी. विशेष तौर पर हम इस बात के लिए प्रयासरत रहेंगे कि सभी सरकारी योजनाओं का लाभ आप तक पहुंचे. जानकारी मात्र के अभाव में आपका नुक्सान नहीं होना चाहिए.

हम तीन तरह से आपको संबल बनाते हैं:-

  • आर्थिक प्रगति – कौशल विकास, रोज़गार, बैंक व्यवस्था का सही उपयोग
  • सामाजिक प्रतिष्ठा – समाज में सम्मान, अपना मकान, खुशहाल परिवार
  • बौद्धिक विकास – शिक्षा, जागरूकता, स्वास्थ्य आदि

चालक शक्ति अगले पांच सालों में डेढ़ करोड़ चालक- परिवारों को प्रगति की राह पर चलने में मदद करेगी. आने वाली पीढ़ियों का भविष्य बनेगा और समाज के विकास में आप महत्वपूर्ण भूमिका निभा पायेंगे.

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