चालक

बड़ी बड़ी कंपनियों की शोषणकारी तिकड़मों से निराश टैक्सी चालकों ने फरवरी 2017 में सेवा कैब की परिकल्पना की थी और इसे मई में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सॉफ्ट लांच किया गया. पूरी तरह से भारतीय ‘सेवा कैब’ चालकों द्वारा लगायी गयी पूँजी से चलती है. किसी venture funding या विदेशी कंपनी का इसमें कोई दखल नहीं है.

2016 के मध्य तक आपको इंसेंटिव के धोखे में रखा गया. उसका नतीजा ये रहा कि आपने लालच में आकर ज़मीन-जेवर गिरवी रखकर लाखों रुपयों की गाडी खरीद ली. बढ़ी हुई आमदनी के हिसाब से खर्चे बढ़ा लिए. पर जब सच्चाई से आमना-सामना हुआ तो खुद को ठगा हुआ महसूस किया. कमाई का 25% कमीशन में कट जाता था जो आने वाले समय में अमेरिका की तरह 35% भी पहुँच सकता है. 15 घंटे काम करके भी बच्चों का पेट पालना मुश्किल था. पारिवारिक जीवन चौपट हो चुका था. पूरे भारत में हड़तालें हुई पर शोषक कंपनियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी.

ऐसे बुरे दौर में सेवा कैब का जन्म हुआ. यह कंपनी आपको अपना शेयरहोल्डर यानी मालिक बना रही है. 15,000 रूपए महीना कमीशन की जगह मात्र 700 रुपए महीना शुल्क ले रही है. यहाँ इंसेंटिव नहीं बल्कि मेहनत, ईमानदारी और समझदारी की बात होती है. आज ही नहीं भविष्य पर भी नज़र रखी जाती है. यहाँ एक राइड पर डिस्काउंट देकर अगली राइड पर सर्ज लगाने जैसी हरकतें नहीं होती. हमें विश्वास है कि सभी अच्छे चालक इस कंपनी से जुड़ेंगे तो जल्दी ही सारे खर्चे निकालकर आप 40,000 रुपए महिना शुध्द आमदनी कमाने लगेंगे. इस तरह आपसी मेलजोल से आप अपने जीवन को सुरक्षित, खुशहाल और सम्मानजनक बना सकते हैं.

आपके लिए जानने की बातें

  • आप महीने में एक निश्चित रकम शुल्क के रूप में देंगे चाहे आप जितना मर्ज़ी कमाओ. यह दिल्ली में 700 रुपए है. बाकी कंपनियों का कमीशन 25% के हिसाब से महीने में 15-20,000 रुपए हो जाता है.
  • पीक टाइम जैसी कोई टेंशन नहीं और ना ही कोई टारगेट.
  • किराये का पैसा सीधा आपकी जेब में आता है. वॉलेट का पैसा भी 3-4 दिन में आपके पास पहुँच जाता है. आपकी आमदनी को सेवा कैब छूती तक नहीं है. इसलिए हिसाब किताब का कोई झंझट ही नहीं रहता.
  • इंसेंटिव नाम की बला ने पूरे भारत के चालकों को बर्बाद कर दिया है. इसलिए हम कहते है कि ध्यान इंसेंटिव पर नहीं, कमाई पर दो. सेवा कैब के पास इंसेंटिव जैसी कोई भ्रामक स्कीमें नहीं हैं.
  • “रोको बैठो चलो” के तहत एप के अलावा सवारी हाथ देकर भी आपकी गाड़ी रुकवा सकती है. यदि सवारी के पास एप नहीं है या नेटवर्क नहीं आ रहा है या बैटरी कमज़ोर हो गयी है या वैसे ही राह चलते आपकी गाड़ी सवारी को दिख गयी तो वो आपको हाथ देकर रुकवा लेगी. सवारी का मोबाइल नंबर आप अपनी एप में डालो और मीटर चालू हो जायेगा. इससे एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और मॉल आदि पर आपकी आमदनी बढ़ेगी.
  • ईको सहित सभी हैचबैक और सेडान a/c गाड़ियों का स्वागत है. किसी भी राज्य की गाड़ी हो और कोई भी परमिट हो, सब सेवा कैब में आ सकती हैं.
  • सवारी से कोई GST या सर्ज प्राइस नहीं लिया जाता.
  • दूसरी कंपनियों ने अपनी लीजिंग की गाड़ियाँ निकाल दी हैं और सारी ड्यूटियां उनको दे रहे हैं जिस से आप जैसे गाड़ी मालिकों को काम कम मिलता है. सेवा कैब में ऐसा भेदभाव नहीं किया जाता.
  • दिल्ली में रोज़ 10 से 12 घंटे काम करके आपकी आमदनी 2,000 से 2,500 रुपए हो जायेगी जो पूरी तरह आपकी जेब में पहुंचेगी. कोई कटौती नहीं.
  • सेवा कैब में पहले छह महीने तक शेयरिंग का आप्शन बिलकुल नहीं होगा. उसके बाद खुद आप लोग चुनाव द्वारा तय करेंगे कि शेयरिंग किस रूप में करें.
  • पुलिस का झमेला नहीं, फ्री माइंड से काम करो. हम हर मुश्किल में आपका साथ देंगे. समझ लो दिल्ली जैसे बड़े शहर में अब आप अकेले नहीं रहे.
  
अटैचमेंट फॉर्म
  

चालक विकास

निकट भविष्य में सेवा कैब शिक्षा, कौशल विकास, करियर सलाह, स्वास्थ्य, बाल विकास, आर्थिक सुरक्षा, आवासीय लोन, कानूनी मदद आदि अनेक सेवाएँ आप तक पहुंचाने की योजनाओं पर काम करेगी. आपके जीवन से जुड़े किसी भी मुद्दे पर आपको जो भी मदद चाहिए, वो आपको मिलेगी. विशेष तौर पर हम इस बात के लिए प्रयासरत रहेंगे कि सभी सरकारी योजनाओं का लाभ आप तक पहुंचे. जानकारी मात्र के अभाव में आपका नुक्सान नहीं होना चाहिए.

हम तीन तरह से आपको संबल बनाते हैं:-

  • आर्थिक प्रगति – कौशल विकास, रोज़गार, बैंक व्यवस्था का सही उपयोग
  • सामाजिक प्रतिष्ठा – समाज में सम्मान, अपना मकान, खुशहाल परिवार
  • बौद्धिक विकास – शिक्षा, जागरूकता, स्वास्थ्य आदि

सेवा कैब अगले चार सालों में बीस लाख चालक-परिवारों को प्रगति की राह पर चलने में मदद करेगी. आने वाली पीढ़ियों का भविष्य बनेगा और समाज के विकास में आप महत्वपूर्ण भूमिका निभा पायेंगे.

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